June 25, 2022

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उन्नत शिक्षा अध्ययन संस्थान में राष्ट्रीय संगोष्ठी संपन्न

बिलासपुर–उन्नत शिक्षा अध्ययन संस्थान बिलासपुर में दिनांक 16 एवं 17 जून को राष्ट्रीय स्तर की संगोष्ठी का आयोजन नई शिक्षा नीति 2020 मुद्दे एवं चुनौतियांँ विषय पर संपन्न हुआ।

प्रथम दिवस 16 जून 2022 को संगोष्ठी का उद्घाटन माननीय कुलपति बी जी सिंह, पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय बिलासपुर के कर कमलों से मांँ सरस्वती के प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ शुरू हुआ साथ ही महाविद्यालय के प्रशिक्षार्थियों द्वारा मांँ सरस्वती की वंदना प्रस्तुत की गई।

अभ्यासियों का स्वागत पुष्प गुच्छ एवं बैज लगाकर किया गया तथा संस्था की प्रचार्य श्रीमती रमाकांति साहू के द्वारा स्वागत भाषण दिया गया। स्वागत भाषण के पश्चात महाविद्यालय की वरिष्ठ प्राध्यापक श्रीमती नलिनी पांडेय द्वारा एन ई पी 2020 पर प्रकाश डाला गया। संगोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. एस के पाढ़ी, गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय बिलासपुर एवं डॉ. शिशिरकना भट्टाचार्य, प्राचार्य डाइट दुर्ग ने अपने विचार रखें। तत्पश्चात विभिन्न प्रांतों के महाविद्यालयों से 35 प्रतिभागियों ने अपना शोध पत्र डॉ. रश्मि जैन आई ए एस ई भोपाल एवं डॉ क्षमा त्रिपाठी, विभागाध्यक्ष डीएलएस महाविद्यालय बिलासपुर के समक्ष प्रस्तुत किया। प्रथम दिवस के समापन पर डॉ डी के जैन ने समस्त अभ्यागतों का आभार प्रदर्शन किया।
संगोष्ठी के द्वितीय दिवस 17 जून 2022 को मुख्य वक्ता के रूप में प्रोफेसर उषा शर्मा एनसीईआरटी नई दिल्ली डॉ सोनू सिंह प्राध्यापक बी एच यू वाराणसी एवं प्रशांत पांडेय एससीईआरटी रायपुर ने अपने उद्बोधन के माध्यम से नई शिक्षा नीति 2020 की चुनौतियों एवं उनके समाधान के तरीकों पर प्रकाश डाला। तत्पश्चात विभिन्न राज्य के विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय से आए हुए 25 प्रतिभागियों ने अपना शोध पत्र डॉ गुरुप्रसाद, अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के समक्ष प्रस्तुत किया।
संगोष्ठी के समापन सत्र मेंअभ्यागत के रूप में प्रोफेसर एडीएन बाजपेई कुलपति अटल बिहारी विश्वविद्यालय बिलासपुर एवं विशिष्ट अभ्यागत के रूप में प्रोफेसर आर पी दुबे, कुलपति डॉक्टर सी वी रमन विश्वविद्यालय बिलासपुर उपस्थित रहे। कार्यक्रम के संयोजक डॉ बी व्ही रमणा राव ने संगोष्ठी की दो दिवसीय रिपोर्ट प्रस्तुत की। संगोष्ठी के समन्वयक डॉ ए के पोद्दार सहायक प्राध्यापक प्रीति तिवारी रीमा शर्मा रहें। विशिष्ट अभ्यागत के रूप में अपने उद्बोधन में प्रोफेसर आरपी दुबे ने शिक्षा के क्षेत्र में एन ई पी 2020 के संदर्भ में हमारी तैयारी कैसी होनी चाहिए इंफ्रास्ट्रक्चर कैसा होना चाहिए आदि विषय पर प्रकाश डाला। मुख्य अभ्यागत प्रोफ़ेसर एडीएन बाजपेयी जी ने एन ई पी 2020 की चुनौतियों जैसे जी ई आर शिक्षक-छात्र रेशियो जीडीपी का 60% शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षकों की भर्ती को लेकर कई प्रश्न शोधार्थियों के समक्ष प्रस्तुत किए और कहा कि इन पर भी विचार किया जाना सार्थक होगा तभी हम एन ई पी2020 को लागू कर पाएंँगे।
संगोष्ठी के समापन सत्र में डॉ सुदेशना वर्मा ने समस्त अभ्यागतों का आभार व्यक्त किया।
संगोष्ठी को सफल बनाने में प्राचार्य रमाकांति साहू वरिष्ठ अध्यापक श्रीमती नलिनी पाण्डेय मनोज सिंह, एवं महाविद्यालय के आचार्य वृंद डॉ महालक्ष्मी सिंह, डॉ उषा मणि, डॉ बी व्ही रमणा राव, डॉ यू वारे श्रीमती अंजना अग्रवाल, डॉ छाया शर्मा, डॉ सुदेशना वर्मा, डॉ श्रीमती मनीषा वर्मा, डॉ अजीता मिश्रा, श्रीमती रीमा शर्मा, डॉ संजय आयदे, श्रीमती प्रीति तिवारी, डॉ ए के पोद्दार, राजेश गौराहा, डॉ डी के जैन, श्रीमती नीला चौधरी, करीम खान, डॉ सलीम जावेद, श्रीमती राजकुमारी महेंद्र, विद्याभूषण शर्मा, श्रीमती वंदना रोहिल्ला, श्रीमती रश्मि पांडेय, आशा बनाकर, दुष्यंत चतुर्वेदी, कृष्णानंद चौबे, श्रीमती निधि शर्मा, श्रीमती संतोषी कर्वी,कार्यालयीन स्तंभ अश्वनी कुमार भास्कर, विजय कुमार कौशिक संजय कुमार जयसवाल, सुखनंदन लाल साहू, कमल देवांगन, श्रीमती भगवती कश्यप, श्रीमती सोनल कुशवाहा, राघवेंद्र अधिकारी, प्यारी भाई, जयंत कुमार मिरे, मुरारी लाल यादव, रईस खान तथा एम एड एवं बी एड प्रशिक्षार्थियों का विशेष योगदान रहा।
संगोष्ठी का संचालन डॉ ए के पोद्दार श्रीमती रीमा शर्मा सहायक प्राध्यापक द्वय ने किया।
इसकी जानकारी मीडिया प्रभारी करीम खान, व्याख्याता उन्नत शिक्षा अध्ययन संस्थान बिलासपुर ने दी।

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